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बिहार MAITRI योजना: 3,824 केंद्रों से पंचायत स्तर पर पशु सेवा
01 September 2026 · Pawan Kumar
बिहार MAITRI योजना क्या है?
बिहार में पशुपालन और पशु प्रजनन सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से MAITRI केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल के अंतर्गत राज्य की 3,812 पंचायतों में कुल 3,824 MAITRI केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
MAITRI का पूरा नाम
MAITRI का पूरा नाम “Multipurpose Artificial Insemination Technician in Rural India” है। ये प्रशिक्षित तकनीशियन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान और पशु प्रजनन से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
योजना के मुख्य बिंदु
• बिहार में कुल 3,824 MAITRI केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य
• राज्य की 3,812 पंचायतों तक सेवाओं का विस्तार
• पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित MAITRI तकनीशियन
• गाय और भैंस के लिए कृत्रिम गर्भाधान सेवा
• पशुपालकों के द्वार पर प्रजनन सेवाओं की उपलब्धता
• पशुओं की नस्ल सुधार में तकनीकी सहयोग
पशुपालकों को क्या लाभ होगा?
MAITRI केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान सेवा के लिए दूर स्थित पशु अस्पतालों या केंद्रों पर निर्भरता कम होगी। प्रशिक्षित तकनीशियन स्थानीय स्तर पर सेवा उपलब्ध कराएंगे, जिससे पशुपालकों के समय और यात्रा खर्च की बचत हो सकती है।
समय पर कृत्रिम गर्भाधान और वैज्ञानिक पशु प्रजनन सेवाओं से गाय एवं भैंस की नस्ल सुधार तथा डेयरी उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर
MAITRI केंद्र ग्रामीण युवाओं के लिए पशु प्रजनन एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवा के क्षेत्र में स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान कर सकते हैं। यह नियमित सरकारी वेतन वाली नौकरी नहीं, बल्कि सेवा-आधारित स्वरोजगार मॉडल है।